• SANJEEV posted an update 5 hours, 35 minutes ago

    हर घर में बेटियां पिता की लाडली होती हैं। वैसे भी अक्सर यही कहा जाता है कि बेटे मां के करीब होते हैं तो बेटियां अपने पापा के ज्यादा करीब होती हैं। पापा की परी और घर में सबसे प्यारी, बड़ा गहरा चाव और लगाव होता है बाप-बेटी का, तभी तो उम्र के हर पड़ाव पर पापा उनके लिए खास भूमिका निभा रहे होते हैं। कभी बचपन में हर खेल में जीत दिलाने वाले स…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 2 days, 23 hours ago

    हिन्दू समाज के पतन के मुख्य कारण

    1. वैदिक धर्म की मान्यताओं में अविश्वास एवं मत-मतान्तर, भिन्न भिन्न सम्प्रदाय, पंथ, गुरु आदि के नाम से वेद विरुद्ध मत आदि में विश्वास रखना। इस विभाजन से हिन्दू समाज की एकता छिन्न-भिन्न हो गई एवं वह विदेशी हमलावरों का आसानी से शिकार बन गया।

    2. वेदों में वर्णित एक ईश्वर को छोड़कर उनके स्थान पर अपने से कल्पित कब्…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 5 days, 7 hours ago

    वो कौन से 6 लोग हैं जो जीवनभर दुख और दर्द पाते हैं – विदुर नीति – 6 TYPES OF PEOPLE, WHO ARE LIKELY TO BE UNHAPPY, ALWAYS – VIDUR NEETI :

    1) ईर्ष्या करने वाला :
    विदुर नीति में विदुर जी कहते हैं कि जो मनुष्य दूसरे मनुष्य की उन्नति देखकर ईर्ष्या करता है वो जीवनभर दुख और दर्द पाते रहता है। दुसरों की उन्नति देखकर जो लोग ईर्ष्याग्रस्त हो जाते हैं,…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 6 days, 3 hours ago

  • SANJEEV posted an update 6 days, 10 hours ago

    सनातन धर्म दुनिया के सबसे पुराने धर्मो में से एक है। वर्तमान का हिंदू धर्म ही सनातन धर्म है। इस धर्म का दर्शन बहुत विशाल है और इसकी मूल अवधारणा है, वसुधैव कुटुंबकम। मेरा अपना मानना है कि जो भी हीन भावना को दुत्कार कर भगा दे, वही हिंदू है। मगर, वर्तमान में हिंदुत्व में ठहराव-सा आ गया है। हिंदू समाज को विभाजित करने का कुचक्र चल रहा है। कुछ कमी हम मे…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 6 days, 12 hours ago

    हिन्दू धर्म सभी जाने जाने वाले धर्मों में सबसे अधिक संगठित धर्म हैं — इसकी धार्मिक पुस्तकें की तिथि 1400 से 1500 ईसा पूर्व की मानी जाती है। यह साथ ही यह भी सबसे अधिक विविधता और जटिलता भरा है, जिसमें लाखों की सँख्या में देवतागण पाए जाते हैं। हिन्दूओं की मूल मान्यताओं की विस्तृत विविधता है और यह कई भिन्न सम्प्रदायों में विद्यमान पाया जाता है। यद्य…[Read more]

  • Ajai Vir Singh became a registered member 6 days, 18 hours ago

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  • SANJEEV posted an update 1 week ago

    शादी की सुहागसेज पर बैठी
    एक स्त्री का पति जब भोजन
    का थाल लेकर अंदर आया
    तो पूरा कमरा उस स्वादिष्ट
    भोजन की खुशबू से भर गया।
    रोमांचित उस स्त्री ने अपने
    पति से निवेदन किया कि
    मांजी को भी यहीं बुला लेते
    तो हम तीनों साथ बैठकर
    भोजन करते।
    पति ने कहा छोड़ो उन्हें वो
    खाकर सो गई होंगी आओ
    हम साथ में भोजन करते
    है प्यार से,
    उस स्त्री ने पुनः अपने पति से
    कह…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 1 week, 1 day ago

    हजारों वर्षों से चली आ रही परंपराओं के कारण हिन्दू धर्म में कई ऐसी अंतरविरोधी और विरोधाभाषी विचारधाराओं का समावेश हो चला है, जो स्थानीय संस्कृति और परंपरा की देन है। जिस तरह वट वृक्ष पर असंख्य लताएं, जंगली बेले चढ़ जाती है उसी तरह हिन्दू धर्म की हजारों वर्षों की परंपरा के चलते कई स्थानीय परंपराओं की लताएं भी धर्म पर चढ़ गई है। उन्ह…[Read more]

  • Ramayan Kumar Singh became a registered member 1 week, 1 day ago

  • हमारी आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा तब होती है जब हमें जो चाहिए था वह नहीं मिलता फिर भी हमारे भीतर से प्रभु के लिए धन्‍यवाद निकले ।

  • Abhisar kumar changed their profile picture 1 week, 4 days ago

  • Abhisar kumar became a registered member 1 week, 4 days ago

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  • SANJEEV posted an update 2 weeks, 1 day ago

    “धर्मो रक्षति रक्षितः
    हिन्दू समाज में जब जब भी धर्म आधारित मुद्दों पर चर्चा होती है , सामान्यतः लोग दो श्रेणियों में बंट जाते हैं एक अज्ञानी मानवतावादी दूसरा कट्टर हिन्दू !! मैंने पहली श्रेणी के बंधू के लिए “अज्ञानी” इसलिए लगाया क्योंकि हिन्दू होना और मानवतावादी होना अपने आप में पर्यायवाची हैं नाकि विरोधाभासी , पर चूंकि बचपन से ही हमारी वामपं…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 2 weeks, 2 days ago

    वेदों के बारे में फैलाई गई भ्रांतियों में से एक यह भी है कि वे ब्राह्मणवादी ग्रंथ हैं और शूद्रों को अछूत मानते हैं। जातिवाद की जड़ भी वेदों में बताई जा रही है और इन्हीं विषैले विचारों पर दलित आंदोलन इस देश में चलाया जा रहा है। लेकिन इन विषैले विचार की उत्पत्ति कहां से हुई?सबसे पहले बौद्धकाल में वेदों के विरुद्ध आंदोलन चला। जब संपूर्ण भारत पर ब…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 2 weeks, 2 days ago

    🌷 “उम्मीद पर भारी परमात्मा पर विश्वास”🌷

    ✍✍ एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में कहीं भटक गया । उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी बहुत चीजें थीं, वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं और पिछले दो दिनों से वह पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा था
    वह मन ही मन जान चुका था कि अगले कुछ घण्टों में अगर उसे कहीं से पानी नहीं मिला तो उसकी मौत निश्चित है । पर कहीं न कही…[Read more]

  • SANJEEV posted an update 2 weeks, 2 days ago

    दिल से पढ़ियेगा
    बहुत बढ़िया मैसेज है।

    जिस पल आपकी मृत्यु हो जाती है, उसी पल से आपकी पहचान एक बॉडी बन जाती है।
    अरे

    “बॉडी” लेकर आइये,
    “बॉडी” को उठाइये,
    “बॉडी” को सुलाइये
    ऐसे शब्दो से आपको पुकारा जाता है, वे लोग भी आपको आपके नाम से नहीं पुकारते ,
    जिन्हे प्रभावित करने के लिये आपने अपनी पूरी जिंदगी खर्च कर दी।

    इसीलिए

    इधर उधर से ज्यादा इक्कठा कर…[Read more]

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