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    #लव_जिहाद_के_बारे_में_अवश्य_जानने_योग्य_तथ्य
    यदि आप स्वयं को और अपनी बहन-बेटियों को सुरक्षित रख़ना चाहते है तो इन्हें हमेशा ध्यान में रख़ें ये तथ्य किसी कुरान,पुराण या बाइबिल के उपदेशों से भी अधिक महत्तवपूर्ण हैं

    लव जिहाद के 1% से भी कम मामले दुनिया के सामने आ पाते हैं. वास्तविकता यह है कि आज लगभग हर मोहल्ले, हर काॅलेज और हर सीनियर सेकेंड़री स्कूल में लव जिहाद अपनी पैठ बना चुका है

    अश्लील वेब साईट्स, वाट्सएप ग्रुप्स् इत्यादि में ऐसे एमएमएस की भरमार होती है. परिवार वाले लोक लाज के भय से मुंह नहीं खोलते और इस से जान छुड़ाना चाहते हैं. कई लड़कियां आज कहीं नजर नहीं आती – क्योंकि या तो वे किसी शेख को बेच दी गई हैं या फ़िर देह व्यापार में झोंक दी गई हैं आप भारत के किसी भी शहर में रहते हों, यह मेरा दावा है कि वहां के हर 1किलोमीटर के दायरे में लव जिहाद पनप रहा होगा. ….

    लव जिहादी के प्रकार:….
    लव जिहादी की दो किस्में हैं –
    1) सुपरस्टार
    2) पैगंबर.

    1) सुपरस्टार – यह एक मेट्रोसेक्स्युअल लव जिहादी होता है जो सुव्यवस्थित ढंग से कपड़े पहनता है,
    नामांकित सैलून से बाल कटवाता है, सेक्सी बाईक चलाता है,
    बातें बनाने में होशियार होता है, फैशनेबल चीज़ों और नए गैज़ेट्स का इस्तेमाल करता है,
    एक फ़िल्म स्टार की तरह संवरता है, संक्षेप में वह शाहरूख़ या आमिर से कुछ कम नहीं होता.
    बाॅलीवुड़ी ख़ानों के सपने देखकर बड़ी हुई मूर्ख लड़कियों की वह पहली पसंद होता है.
    इस किस्म के लव जिहादियों की बड़ी तादाद शहरों और महानगरों में होती है, जो उच्च मध्यम वर्गीय और संभ्रांत परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाते हैं.
    अधिकतर बनियों (व्यापारी परिवारों) की बेटियां उनके ज़ाल में फंसती हैं क्योंकि इन लड़कियों को अपने घरों में सुख सुविधा के तो सारे साधन प्राप्त होते हैं परन्तु अपने इतिहास और यथार्थ दुनिया से उनका कोई वास्ता नहीं होता. वे स्वयं को कोई कैटरीना या करीना समझती हैं, जिन्हें लेने कोई ख़ान ही आएगा….

    2) पैगंबर – इस किस्म के लव जिहादी आतंकियों के प्रशंसक ज़ाकिर नाईक जैसों के अनुयायी होते हैं.
    वे इस भुलावे में जीते हैं कि भले ही उनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर हो, परन्तु अल्लाह ने उन्हें सच्चे दीन की विलक्षण अंतरदृष्टि से नवाजा है.
    हकले नाईक के सारे उपदेश और मूर्खतापूर्ण दलीलें उन्हें रटी हुई होती हैं. उनका यही मंसूबा होता है कि अधिक से अधिक हिन्दुओं को इस्लाम में लाया जाए ताकि उन्हें (लव जिहादियों को) जन्नत में 72 हूरों का मज़ा मिल सके!

    इन की शिकार वे लड़कियां होती हैं जो अपेक्षाकृत रूढ़िवादी घरों से होती हैं या ऐसी अति आधुनिक लड़कियां जो प्यार में धोख़ा खा चुकी हैं वह उन्हें इस्लामी आध्यात्मिक रोशनी की ऐसी घुट्टी पिलाता है कि ये मूर्ख लड़कियां उस पर फ़िदा हो जाती हैं. वह हिन्दू देवी-देवताओं की अश्लील कहानियां सुनाते हुए दोज़ख़ का ऐसा ख़ौफ़नाक वर्णन करता है कि लड़कियां हमेशा के लिए हिन्दू धर्म से नफ़रत करने लग जाती हैं. वह इस भरोसे और तर्क के साथ अंधविश्वासी बातें करता है मानो वह स्वयं ही पैगंबर हो.

    सावधान रहें, अपनी बहन बेटीयो को सावधान रखें
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